आंटी का प्यार

हैल्लो दोस्तों मेरा नाम समीर में लखनऊ का रहने वाला हूँ, मैं बहुत कम वक़्त में इस साईट की बहुत सारी कहानियां पड़ चुका हूँ। मुझे नहीं पता की कौनसी कहानी सही है और कौन सी कहानी सिर्फ़ कहानी ही है लेकिन मैं आज आप सभी को अपनी एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ और उम्मीद करता हूँ कि आपको ये जरुर पसंद आएगी अगर आपको मेरी कहानी अच्छी लगे तो प्लीज मुझे ज़रूर बताये।

मैं लखनऊ में अपना बिजनेस करता हूँ और साथ में बीकॉम भी कर रहा हूँ। मेरी उम्र 25 साल की है। मेरी हाईट 5.9 है और बॉडी स्लिम, मुझे हमेशा से यही चाहत रही है की काश कोई शादीशुदा लेडी मेरी लाईफ में आए और कुछ दिनो पहले ऐसा ही हो गया, जैसा कि मैने सोचा था। मैं जिस बिल्डिंग में रहता हूँ, उसी बिल्डिंग में जस्ट मेरे सामने वाले फ्लेट में एक फेमली आकर रहने लगी। उस फेमेली में 6 लोग थे। एक आंटी थी, जिनका नाम निहारिका था। उनकी उम्र 38 साल की थी, फिगर तो कयामत थे, मेरे हिसाब से 38-30-40 उनके बड़े बड़े बूब्स और बड़ी गांड देखकर हमेंशा मेरा लंड खड़ा हो जाता था। वो बहुत ही गौरी थी। मैं हमेशा यही सोचता था कि ऐसा कुछ हो कि मैं इन्हे चोदूं और में उनसे बात करने के मौके ढूँढने लगा था। अक्सर जब उनके घर में कोई नहीं होता था और वो घर पर अकेली होती थी। तब मैं उनसे पानी माँगने या कुछ और समान माँगने के बहाने उनके घर जाया करता था। फिर मैने नोट किया की वो भी मुझसे बात करना चाहती है। एक दिन मैं उनसे पानी माँगने गया तभी मेरी उनसे पहली बार अच्छी तरह से बात हुई।

में : आंटी मुझे थोड़ा पीने का पानी चाहिए वो क्या है की मैं भरना भूल गया था।

आंटी : मुझे आंटी क्यों कहते हो तुम, में तुम्हे आंटी लगती हूँ क्या ? तुम मुझे आंटी मत कहा करो।

में : तो हम आपको क्या कहे आप ही हमें बता दे।

आंटी : हंस कर, जो तुम चाहो कह सकते हो, अच्छा ये बताओ की तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है? मैं चौक गया और आज मुझे यकीन हो गया था की मैं अभी इन्हे चोद सकता हूँ।

में : हाँ आंटी पहले थी लेकिन अभी नहीं है आजकल मैं अकेला हूँ।

आंटी : अच्छा, अंदर आओ ओर तुम बताओ क्या लेना पसंद करोगे, चलो छोड़ो आज मैं अपनी तरफ से तुम्हे कॉफी पिलाती हूँ कल तुम अपनी पसंद से पीना।

मैं आंटी के साथ उनके पीछे पीछे अंदर जाने लगा मेरी नज़र आंटी की गांड पर थी कि अचानक आंटी ने पूछा कि तुम इतने ध्यान से क्या देख रहे हो तो मैं हड़बड़ा गया, मैने कहा कि कुछ नहीं आंटी, तभी आंटी ने कहा कि मैं जानती हूँ कि तुम क्या देख रहे हो लेकिन मैं आज अभी तुम्हारे मुहं से सुनना चाहती हूँ।

तभी मैने हिम्मत करके कह दिया कि आंटी मैं आपकी गांड देख रहा हूँ, मुझे आपकी गांड बहुत सेक्सी लगती है।

आंटी : और क्या क्या सेक्सी है मेरा बताओ मुझे।

में : आंटी आपके जिस्म का हर एक हिस्सा बहुत सेक्सी है। आप बहुत सेक्सी लेडी है जैसी कि मैने आज तक नहीं देखी है।

आंटी : तो क्या तुम मेरे साथ सेक्स करना चाहोगे। मैं बहुत प्यासी हूँ क्या तुम मेरी प्यास बुझा सकते हो। मेरे पति अब मुझे खुश नहीं कर पाते है, ये बात सच है और मैं तुम्हे बहुत प्यार दूँगी, तुम जो मांगोगे वो मैं तुम्हे दूँगी बस तुम मुझे खुश कर दो इतना कह कर आंटी ने मेरा हाथ पकड़ कर अपने बूब्स पर रख लिया।

में : हाँ, मैं आपके साथ सब कुछ कर सकता हूँ लेकिन मुझे यकीन नहीं हो रहा है कि क्या आप सच में ऐसा चाहती है? कहीं आप मज़ाक तो नहीं कर रही है और अगर आप मज़ाक नहीं कर रही है तो ये बात किसी को पता नहीं चलना चाहिए।

आंटी : ये बात तो मुझे तुमसे कहना चाहिए। मैं मज़ाक नहीं कर रही हूँ। समीर बस तुम मुझे खुश कर दो आज अभी।

इतना सुनते ही आंटी को मैने अपनी बाँहों में जकड़ लिया और अपने होंठ उनके होंठो पर रख दिया। मैने बुरी तरह उनके होठों को चूसना स्टार्ट कर दिया। वो भी मेरा साथ दे रही थी। मैं उनके होंठो को चूस रहा था और मेरा एक हाथ उनके बूब्स पर था और एक हाथ उनकी गांड पर। उनके इतने बड़े बड़े बूब्स थे कि मेरे हाथो में ही नहीं आ रहे थे। उनके होंठो को चूसते चूसते मैं उन्हे बेड पर ले आया और मैं उनके ऊपर आ गया था।

आंटी : समीर मुझे आज शांत कर दो मैं बहुत भूखी हूँ बहुत दिन हो गये मैने भरपूर सेक्स नहीं किया है।

में : आंटी आज मैं आपको बहुत अच्छे से चोदूंगा। इतना कह कर मैने आंटी की साड़ी खोल दी और उनके ब्लाउज को खोल दिया और उनका पेटीकोट भी उतार दिया। अभी आंटी सिर्फ़ ब्लैक ब्रा और पेंटी में थी। मैं उनके ऊपर आ गया और ब्रा के ऊपर से ही उनके बड़े बड़े बूब्स को अपने हाथो से मसलने लगा था।

आंटी : दबाओ समीर आहह चूसो इन्हे अयाया ऊओफफ्फ़ समीररर्ररर आंटी ने ज़ोर ज़ोर से सिसकियां लेते हुए मेरी पेंट से मेरा लंड बाहर निकाल लिया। मेरा 7 इंच लंबा लंड देख कर वो खुश हो गयी और उसे सहलाने लगी। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। अब मैने आंटी की ब्रा और पेटी भी उतार दी और अपने भी सारे कपड़े उतार दिए थे। अब आंटी मेरा लंड सहला रही थी और मैं आंटी के बूब्स को चूस रहा था।

अब मैने अपना हाथ आंटी के जांघो से होते हुए आंटी की चूत तक पहुंचा दिया और जैसे ही मैने अपनी उंगली आंटी की चूत पर घुमाई आंटी ने एक ज़ोर की सिसकी ले कर मुझे अपनी बाँहों में कस लिया। अब मैने आंटी की चूत को अपने हाथो में भर लिया और उसे मसलने लगा और बूब्स को चूसता रहा।

आंटी : समीर तुम बहुत सक्सी हो डियर सहलाओ और सहलाओ मेरी चूत को बहुत जोर से सहलाओ आह्ह्ह्ह… समीर तुम्हारा लंड भी बहुत मस्त है। समीर आअहह जान बहुत मज़ा आ रहा है चूसो मेरे बूब्स को खा जाओ इन्हे आज।

आंटी अपनी गांड उठा उठा कर सिसकियां ले रही थी और कह रही थी कि चोदो आज मुझे फाड़ दो मेरी चूत को।

में : मैं आज तुम्हारी चूत चोदूंगा और आज मेरा यह मस्त लंड तुम्हारी चूत को मस्त कर देगा।

आंटी : समीर प्लीज़ इसी तरह से उसे करो बहुत मजा आ रहा है और सहलाओ मेरी चूत को…आ सीईईई ऊऊहह और सहलाओ

मैं अब आंटी की पूरी बॉडी को चाट रहा था अब मैं उनकी जांघो को चाट रहा था। अब मैने अपने गरम गरम होंठ आंटी की चूत पर रख दिया आंटी मचल उठी।

आंटी : ऊऊऊः क्या कर दिया समीर? मैं तुमसे यही कहने वाली थी की मेरी चूत को चाटो…ऊऊऊओ बहुत मज़ा आ रहा है समीर चाटो चूत को और चाटो।

आंटी चिल्ला चिल्ला कर और अपनी गांड उठा उठा कर अपनी चूत को चटवा रही थी और में भी बड़े मजे से चाटे जा रहा था।

फिर मैं घूम गया और हम 69 पोज़िशन में आ गये थे। मैने अपना लंड आंटी के मुहं में रख दिया। आंटी ने तुरंत मेरा पूरा लंड अपने मुहं में भर लिया और बहुत मजे से भूखे की तरह लंड को चूसने लगी। जैसे बहुत दिनों से वो लंड को चूसना चाहती थी और उन्हे नहीं मिल रहा था। मैं भी उनकी चूत को चाटने में मस्त था। तभी आंटी ने मेरा लंड मुहं से बाहर निकाल दिया।

आंटी : समीर तुम तो अभी चोदो मुझे प्लीज़ अब ना तड़पाओ पहले अपना लंड मेरी चूत में डाल दो, मैने कहा इतनी भी क्या जल्दी है और मैने जैसे ही ये बात कही आंटी ने मुझे बेड पर पटक दिया और खुद मेरे ऊपर आ गयी अपने पैर इधर उधर करके आंटी ने मेरे लंड को हाथ में लिया और अपनी चूत के होल पर सटा कर धीरे धीरे बैठने लगी। अब वो लंड अंदर ले रही थी और कामुक होने की वजह से चिल्ला भी रही थी।

फिर थोड़ी देर बाद मैं अपने आपको कंट्रोल में नहीं कर पाया। मुझसे उनकी चूत की गर्मी बर्दाश्त नहीं हुई और मैने नीचे से मैं एक ज़ोर का झटका मारा और मेरा लंड आंटी की चूत को चीरता हुआ उनकी चूत की गहराइयों में समा गया। आंटी की एक चीख निकल गयी।

आंटी : आराम से समीर मैने बहुत दिनो से लंड नहीं लिया है, तो मेरी चूत बहुत सकड़ी हो गई है। आज तुमने फिर से लंड डाल कर फैला दी है।

इतना कहकर आंटी मेरे लंड पर ऊपर नीचे होने लगी। थोड़े टाइम के बाद मैं भी नीचे से झटके मारने लगा और वो भी बहुत तेज़ी से मेरे लंड पर उछल रही थी, वो बहुत बेहतरीन नज़ारा था। मैने अपने दोनो हाथ आंटी की गांड पर लगा रखे थे। आंटी के बड़े बड़े बूब्स उछल रहे थे और मेरा लंड आंटी के काबू में था और आंटी की बड़ी सी गांड मेरे हाथो में थी।

आंटी : चोदो मुझे समीर और तेज़ समीर बहुत दिनों से भूखी हूँ मैं और तेज़ समीर फाड़ दो मेरी चूत को।

में : चोद रहा हूँ आंटी आज तुम्हारी चूत से पानी जरुर निकाल दूंगा। बहुत गरम चूत है तुम्हारी बहुत मज़ा आ रहा है आंटी तुम्हे चोदने में, इतना कह कर मैने आंटी को घोड़ी बनने को कहा आंटी तुरंत बन गयी। मैने पीछे से आ कर आंटी की गांड पर लंड को सटा कर एक ही झटके में पूरा गांड में डाल दिया और चोदना स्टार्ट कर दिया। आंटी भी अपनी बड़ी बड़ी गांड को आगे पीछे उछाल कर मेरे लंड का मज़ा ले रही थी।

आंटी : समीर चोदो मुझे और तेज़ी से चोदो अयाया सीईईईईई बहुत मज़ा आ रहा है जानू।

अब मैने अपनी एक उंगली आंटी की चूत में डाल दी और उन्हे और भी तेज़ चोदने लगा था।

आंटी : आह समीर क्या किया तुमने मैने पहले कभी गांड नहीं मरवाई है लेकिन बहुत अच्छा लग रहा है। बस तुम एक बार मेरी चूत को शांत कर दो फिर मैं तुमसे गांड भी चुदवाउंगी चोदो मुझे समीर और चोदो।

अब मैने लंड को गांड से बाहर निकाल कर मैने आंटी को बेड पर लिटा दिया और लंड को पहले उनके मुहं में डाला थोड़ी देर बाद बाहर निकाल कर अब उनकी दोनों टाँगे अपने कंधे पर रख कर उनकी चूत में लंड को डाल कर ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा। आंटी ने मुझे अपनी बाँहों में जकड़ लिया और अपनी बड़ी गांड उठा उठा कर चुदने लगी

आंटी : चोद समीर तेज़ी से चोद और तेज़ धक्के मार मैं आज सब सह रही हूँ, तू कुछ भी कर लेकिन चूत को ठंडा जरुर कर दे प्लीज।

कुछ देर बाद आंटी का बदन अकड़ने लगा मैं समझ गया कि आंटी अब झड़ने वाली है, तो मैने भी अपने धक्को की स्पीड बड़ा दी ओर बहुत तेज़ी से आंटी को चोदने लगा। फिर कुछ समय के बाद अब हम दोनो एक साथ झड़ गये। मैने लंड को चूत से बाहर नहीं निकाला और पूरा वीर्य चूत में ही डाल दिया। उन्होंने भी कुछ नहीं कहा और एक दूसरे को बाँहों में जकड़ लिया था। उस दिन मैने आंटी को तीन बार और चोदा था। और फिर उनकी गांड भी मारी लेकिन आंटी की चूत मारने में ज्यादा मजा नहीं आता, में तो हमेशा उनकी गांड ही मारता हूँ और कभी कभी लंड मुहं में डालकर उनका मुहं भी गंदा करता हूँ। अब मैं मौका देख उन्हे रोज ही चोदता हूँ बहुत मज़ा आता है।


Comments are closed.




hindi anterwasna comchudai ki katha in hindihindi sexy kma or bete ki chudai ki kahaniwww hindi hot sexmaa bete ki sex ki kahanidin me chudaisexhindisex2016sex didi ke doodh samohik lotmastram chutsex ki aag commoti gand chutkumari dulhan sexchutharyanvi randeकामुक चुदाई कहानी-संग्रहकाकि चुतMere bhiyone khub choda muze sex stories in hindixxx video bhojpure ma पिरीती भाभी कि चुदाईhindi sxe storissexy story in hindi fontbaap ne beti ko choda sex storygand kaise marebhai bhan sexy storysexy boor ki chudaiaunty ki chut maaribhai bahan me chudaibur me chodagand chodnagay sex khanihindi sexy story motherghodi ko choda kahaniaunty aunty sex videowww sali ki chudai comTrain me Bua ki chudai kichudai book hindiसेक्स स्टोरी पार्ट४marathi sex stories latestchudai katha in hindihindi padosan ki chudaimarathi group sexBudhe ne गोडाउन choda hindi storybehan bani prostitute gangbang sex story hindihindi actress ki chudaiantravasnachotihindi jabardasti sex storyhindi sex kahani in hindichudai kya haiचौदीनोकरानीmaa ke chut me lund se sindoor laga kar maa ko khub choda kahanimaa beta ki chudai sex storyxxx badhi video lamba nand walaseksy kahanidesi sex kathaHINDISEXYESTORYxxxमा चोदा बच्चे ने देखाbhabhi sex hindi storyचुत ने लुंड से कहा की फेडो होंदीbhabhi ki gaand storymami ki ganddesi gay chudaisuhagrat ki mast chudaifouji sex kahniकुँवारी भाभी और ननद की कामुकता भाग 4dost ki maa ki hawas incest secx storydevar and bhabhi ki chudaibhabhi ki jabardasti gand marisaxantrvasnabehan ki chudai ki kahani hindi mekamsutra katha in hindiAntarwasnasexstoryinhindijabardasti chudai in hindianjana sexsonia ki chudai storymaa aur beta